योगी सरकार बनी दिव्यांगजनों का सहारा

News Desk 16 Jun 2025, 06:40 AM 1 min read
योगी सरकार बनी दिव्यांगजनों का सहारा


>उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण की दिशा में एक और बड़ा निर्णय लिया है। अब प्रदेश के सभी 38 जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्रों (DDRC) का संचालन राज्य सरकार खुद करेगी। इसके लिए समाज कल्याण विभाग ने लगभग 12 करोड़ रुपये के वार्षिक बजट का प्रस्ताव तैयार किया है। इस फैसले से न केवल केंद्रों की कार्यक्षमता बढ़ेगी बल्कि हजारों दिव्यांगजनों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं, परामर्श और प्रशिक्षण स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगे।


>प्रदेश के अधिकांश डीडीआरसी वर्तमान में केंद्र सरकार या निजी संस्थाओं के सीमित सहयोग से संचालित हो रहे हैं, जिससे उनकी कार्यक्षमता प्रभावित हो रही थी। राज्य सरकार के इस निर्णय के तहत अब अंबेडकर नगर जैसे केंद्र जो एनटीपीसी जैसी संस्थाओं द्वारा संचालित हैं, और अन्य केंद्र जो केंद्र सरकार के सहयोग से चलते हैं, सभी को राज्य वित्त पोषित बनाए जाने का प्रस्ताव है।


>सरकार का उद्देश्य है कि हर जिले में दिव्यांगजन को पुनर्वास, कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण, स्वास्थ्य सेवाएं और कौशल विकास प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं सहजता से मिल सकें।


>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर भी बल दिया है कि राज्य के 18 मंडल मुख्यालयों पर नई पुनर्वास इकाइयां स्थापित की जाएं, ताकि दूरदराज़ के जिलों में रहने वाले दिव्यांगजनों को लंबी दूरी तय न करनी पड़े। यह कदम ‘स्थानीय स्तर पर सेवाओं की पहुंच’ सुनिश्चित करेगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा।


>राज्य में अब तक 15 लाख से अधिक दिव्यांगजन UDID पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें से अधिकांश को यूनिक आईडी कार्ड भी निर्गत किए जा चुके हैं। यह कार्ड न केवल सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में मदद करता है, बल्कि दिव्यांगजनों को उनकी पहचान भी दिलाता है।


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>राज्य सरकार का फोकस अब हर केंद्र को उसकी पूर्ण क्षमता से संचालित करने पर है। यह निर्णय उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजनों के लिए नई उम्मीद की किरण है, जो उन्हें समाज की मुख्यधारा में समान अवसर और सम्मान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा।

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