दक्षिण दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के निकट स्थित सैदुलअजाइब इलाके में शनिवार शाम एक पांच मंजिला इमारत ढहने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। हादसे के बाद एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। रविवार सुबह मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों से राहत कार्यों की जानकारी प्राप्त की।

प्रशासन के अनुसार, हादसे के बाद अब तक 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। घायलों को उपचार के लिए एम्स में भर्ती कराया गया है। एम्स की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, अस्पताल में 10 घायल लाए गए, जिनमें तीन की हालत गंभीर बनी हुई है। छह अन्य घायल स्थिर हैं और चिकित्सकीय निगरानी में रखे गए हैं। दो लोगों को अस्पताल पहुंचने से पहले मृत घोषित किया गया।
जानकारी के अनुसार, सैदुलअजाइब स्थित करीब 400 वर्ग गज क्षेत्र में बनी यह इमारत लगभग 15 वर्ष पुरानी थी। शुरुआत में इसका निर्माण दो मंजिल तक किया गया था, लेकिन समय के साथ इसमें अतिरिक्त मंजिलें जोड़ी गईं। बताया जा रहा है कि वर्तमान में पांचवीं मंजिल के ऊपर एक और तल के निर्माण का कार्य चल रहा था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, भवन में कोचिंग संस्थान, पीजी, कैफे और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होती थीं। घटना के समय इमारत और आसपास के क्षेत्र में 70 से 80 लोगों की मौजूदगी की बात कही जा रही है, जिनमें कुछ विदेशी छात्र भी शामिल थे। हालांकि प्रशासन का कहना है कि मलबे में अब सीमित संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत के समीप एक पोर्टा केबिन संरचना में कैंटीन संचालित होती है। हादसे के समय अधिकांश लोग कैंटीन में भोजन कर रहे थे, जबकि कुछ लोग भूतल पर स्थित लाइब्रेरी में मौजूद थे। शाम करीब साढ़े सात बजे अचानक इमारत ढह गई, जिससे मलबा कैंटीन और लाइब्रेरी क्षेत्र पर आ गिरा। इसके बाद वहां मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए।
दमकल विभाग को शाम 7:45 बजे हादसे की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही दमकल कर्मी, पुलिस, एनडीआरएफ और अन्य बचाव एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंच गईं। मलबा हटाने का कार्य लगातार जारी है और बचाव दल संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश में जुटा हुआ है।
सिविल डिफेंस मुख्यालय के डिप्टी चीफ वार्डन ने बताया कि सभी संबंधित विभागों के अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि 5 से 6 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका को देखते हुए बेहद सावधानी से मलबा हटाया जा रहा है, क्योंकि यह व्यावसायिक गतिविधियों वाला क्षेत्र है।
रविवार सुबह घटनास्थल पर पहुंचीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा था कि साकेत मेट्रो स्टेशन के पास इमारत गिरने की घटना चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, डीडीएमए, एमसीडी, कैट्स और सिविल डिफेंस की टीमें युद्धस्तर पर बचाव अभियान चला रही हैं तथा प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
फिलहाल हादसे के कारणों का आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल सका है। जांच एजेंसियां इमारत की संरचनात्मक स्थिति, निर्माण कार्य और अन्य पहलुओं की जांच कर रही हैं। प्रशासन का कहना है कि राहत एवं बचाव अभियान पूरा होने के बाद विस्तृत जांच की जाएगी।
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