Friday, 07 August 2026 | Lucknow | 29°C

दिल्ली में साइबर ठगी के पैसों से बिजली बिल भरने का खेल उजागर, दो गिरफ्तार

पूर्वी जिला साइबर थाना पुलिस ने ₹1.82 लाख की संदिग्ध लेनदेन की कड़ी से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, मुंबई और कर्नाटक के मामलों से भी जुड़े मिले तार।
Bureau
Bureau News Desk
07 Aug 2026
05:45 PM
1 min read
दिल्ली में साइबर ठगी के पैसों से बिजली बिल भरने का खेल उजागर, दो गिरफ्तार
इमेज सोर्स एआई
हाइलाइट्स
दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी की रकम को बिजली बिलों के जरिए नकदी में बदलने वाले नेटवर्क का खुलासा किया।
दो आरोपी फूल सिंह और सुशील कुमार गिरफ्तार।
₹1.82 लाख के बिजली बिल भुगतान से जांच को अहम सुराग मिला।
आरोपियों के तार महाराष्ट्र और कर्नाटक के साइबर मामलों से भी जुड़े मिले।

दिल्ली पुलिस के पूर्वी जिला साइबर थाना पुलिस ने साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को बिजली बिलों के भुगतान के माध्यम से नकदी में बदलने वाले एक कथित नेटवर्क का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 30 वर्षीय फूल सिंह और 40 वर्षीय सुशील कुमार के रूप में हुई है।

जांच में पता चला कि दोनों आरोपी साइबर ठगी की रकम से वास्तविक उपभोक्ताओं के बिजली बिल भरवाते थे और बाद में संबंधित उपभोक्ताओं से नकद राशि लेकर कमीशन काटने के बाद शेष रकम नेटवर्क तक पहुंचाते थे।

पुलिस के अनुसार शकरपुर निवासी शैलेन्द्र कुमार की शिकायत पर 14 मई 2026 को पूर्वी जिला साइबर थाने में मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि स्वयं को गैस सेवा प्रदाता कंपनी का अधिकारी बताने वाले साइबर ठगों ने उन्हें मोबाइल पर एक दुर्भावनापूर्ण एपीके एप्लिकेशन स्थापित करने के लिए कहा। एप्लिकेशन स्थापित करने के बाद उनके भारतीय स्टेट बैंक के क्रेडिट कार्ड से ₹2,24,995 की अनधिकृत निकासी कर ली गई।

यह खबर भी पढ़े - भर्ती परीक्षा में नकल कराने वाला अंतरराज्यीय गिरोह पकड़ा गया, मास्टरमाइंड सहित 7 गिरफ्तार

लेनदेन की तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी गई राशि का बड़ा हिस्सा बिजली बिलों के भुगतान में इस्तेमाल किया गया। जांच में ₹1,82,478 का एक भुगतान टीपीडीडीएल के बिजली बिल में किए जाने का पता चला। इसी लेनदेन से पुलिस को पूरे नेटवर्क तक पहुंचने में सफलता मिली।

पुलिस जांच के अनुसार फूल सिंह विभिन्न लोगों से बिजली बिल एकत्र करता था और उन्हें सुशील कुमार तक पहुंचाता था। इसके बाद साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि का उपयोग कर बिजली बिलों का भुगतान कराया जाता था। भुगतान हो जाने के बाद संबंधित उपभोक्ताओं से नकद राशि ली जाती थी। आरोप है कि फूल सिंह प्रत्येक भुगतान पर लगभग पांच प्रतिशत तथा सुशील कुमार लगभग दस प्रतिशत कमीशन लेते थे। शेष राशि नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचाई जाती थी।

जांच में यह भी सामने आया कि सुशील कुमार एक अन्य सहयोगी के संपर्क में था, जो बिहार में मौजूद बताया गया है। पुलिस के अनुसार उसी के माध्यम से बिजली बिलों का भुगतान कराया जाता था। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही हैं।

दिल्ली पुलिस के अनुसार जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों के संबंध महाराष्ट्र और कर्नाटक में दर्ज साइबर ठगी के मामलों से भी सामने आए हैं। इनमें मुंबई के नेहरू नगर थाना क्षेत्र तथा कर्नाटक के यादगिरि जिले में दर्ज साइबर अपराध के मामले शामिल हैं। पुलिस इन मामलों में संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन सैमसंग एस-24, रियलमी-3 जब्त किए हैं। दोनों उपकरणों को डिजिटल और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों, लेनदेन और संचार से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा सकें। पूर्वी जिला पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति बिजली या अन्य उपयोगिता सेवाओं के बिलों के भुगतान पर असामान्य छूट या अधिक कमीशन का प्रस्ताव देता है तो सतर्क रहें।

Explore Related Topics

साइबर ठगी दिल्ली पुलिस बिजली बिल भुगतान साइबर अपराध मालवेयर एपीके टीपीडीडीएल साइबर थाना फूल सिंह सुशील कुमार

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

इस खबर को खबर पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

ऐसी ही खबरों के लिए निचे स्क्रॉल करें

या होम पेज पर लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए क्लिक करें →

Related News