बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दौरान वोटिंग को लेकर उत्साहित चार मतदाताओं को सोशल मीडिया पर EVM की तस्वीरें और वीडियो शेयर करना भारी पड़ गया। आरा, गोपालगंज और सारण में इन मामलों में कुल चार लोगों पर FIR दर्ज की गई है। जिला अधिकारियों और निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया की मतदान केंद्र के अंदर मोबाइल फोन ले जाना और वोटिंग प्रक्रिया की फोटो या वीडियो साझा करना कानूनन अपराध है।
कहां से उठा मामला?
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गोपालगंज: 2 मामले
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आरा और सारण: 1-1 मामला
पहले चरण के मतदान के दौरान कुछ लोगों ने EVM के साथ सेल्फी और वोट डालते समय वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिए। यह न केवल चुनाव आयोग के निर्देशों का उल्लंघन है बल्कि आचार संहिता और गोपनीयता के नियमों का भी हनन है।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस अब पता लगा रही है कि ये लोग मोबाइल अंदर लेकर कैसे पहुंचे, जबकि मतदान केंद्र में इसकी पूरी तरह मनाही है। सारण में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान एक वीडियो में वोट डालते हुए व्यक्ति दिखाई दिया। राजनैतिक प्रचार का संकेत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की गई और साइबर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया।
प्रशासन ने मतदाताओं से साफ अपील की है की मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की फोटो या वीडियो शेयर न करें,यह अपराध है, और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।
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