लखनऊ स्थित बाबासाहब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी में छात्रा अनामिका सिंह की मौत के बाद छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। आक्रोशित छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने 11 सूत्रीय मांगपत्र रखते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कुलपति आवास के बाहर धरने पर बैठे छात्रों ने मांगपत्र में छात्रावास के मेस संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, डीएसडब्ल्यू और वार्डन के इस्तीफे की मांग की है। साथ ही छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता सुधारने के लिए तत्काल कदम उठाने की चेतावनी दी गई है।
मंगलवार रात छात्रों का प्रदर्शन उग्र हो गया था। बड़ी संख्या में छात्र कुलपति आरके मित्तल से मिलने की मांग करते हुए उनके आवास के बाहर जमा हो गए। बताया गया कि गेट बंद होने पर कुछ छात्र जबरन अंदर घुस गए, हालांकि उस समय कुलपति आवास पर मौजूद नहीं थे। बुधवार शाम छात्रों ने मृत छात्रा की तस्वीर के सामने कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद भी प्रदर्शन जारी है और छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
छात्रों का आरोप है कि अनामिका सिंह को छात्रावास का खाना खाने के बाद फूड पॉइजनिंग हुई थी। पिछले पांच दिनों से उसका इलाज वाराणसी में चल रहा था, जहां मंगलवार शाम उसकी मृत्यु हो गई। छात्रों का कहना है कि यह घटना यशोधरा छात्रावास और मेस प्रबंधन की लापरवाही का परिणाम है। कैंपस में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने घटना की जांच के लिए समिति गठित की है, जो सीसीटीवी फुटेज के आधार पर वीसी आवास में तोड़फोड़ करने वाले छात्रों की पहचान कर रही है। इसी बीच खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी सिंह के नेतृत्व में यशोधरा छात्रावास पहुंची और चना, अरहर दाल तथा आटा के नमूने जांच के लिए लिए।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, मामले की जांच के लिए समिति गठित कर दी गई है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने कहा कि छात्रा को 20 अप्रैल को बुखार आने पर विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र से दवाएं दी गई थीं, जिसके बाद वह अवकाश लेकर वाराणसी चली गई थी। साथ ही प्रशासन ने छात्रावास में खराब भोजन परोसने के आरोपों को निराधार बताया है और कहा है कि इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। प्रशासन का यह भी कहना है कि कुछ छात्र माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल विश्वविद्यालय परिसर में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। छात्रों का धरना जारी है और प्रशासन व जांच एजेंसियां मामले की पड़ताल में जुटी हैं।
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