उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दिल्ली की एक अदालत द्वारा पूर्व आम आदमी पार्टी (आप) पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी ठहराए जाने के बाद इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। लंबे समय से उठ रहे सवालों के बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ताहिर हुसैन को काफी पहले ही पार्टी से निष्कासित किया जा चुका था।
अदालती फैसले के बाद भाजपा नेताओं ने आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल उठाए थे। इसके कुछ ही घंटों बाद केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ताहिर हुसैन अब आम आदमी पार्टी का हिस्सा नहीं हैं।
अरविंद केजरीवाल ने भाजपा आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय की एक पोस्ट का जवाब देते हुए लिखा कि ताहिर हुसैन को काफी पहले पार्टी से बाहर कर दिया गया था। उन्होंने अपने जवाब में भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह किसी सहयोगी संगठन से जुड़े हैं। केजरीवाल का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भाजपा लगातार आम आदमी पार्टी से इस मामले पर स्पष्ट रुख सामने रखने की मांग कर रही थी।
दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने प्रेस वार्ता के दौरान सवाल उठाया कि अंकित शर्मा हत्याकांड में अदालत का फैसला आने के बाद अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह की ओर से प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई।
वहीं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी अब भी ताहिर हुसैन से दूरी बनाने के बजाय राजनीतिक संदेश देने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आप विधायक अमानतुल्लाह खान के एक बयान का उल्लेख करते हुए इसे वोट बैंक की राजनीति से जोड़कर भी सवाल उठाए।
फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में व्यापक हिंसा हुई थी। इसी दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी अंकित शर्मा अपने घर से निकलने के बाद लापता हो गए थे।
बाद में उनका शव चांद बाग इलाके के पास एक नाले से बरामद किया गया था। इस घटना ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था। दिल्ली पुलिस ने जांच के दौरान इस मामले में ताहिर हुसैन समेत कई लोगों के खिलाफ आरोप तय किए थे।
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा में आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 53 लोगों की मौत हुई थी, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए थे। हिंसा के बाद कई मामलों की जांच की गई और विभिन्न आरोपियों के खिलाफ अदालतों में मुकदमे चल रहे हैं।
आम आदमी पार्टी पहले भी यह स्पष्ट कर चुकी है कि ताहिर हुसैन को दंगों से जुड़े आरोप सामने आने के बाद पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। अदालत के फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल की प्रतिक्रिया को इसी रुख की पुनर्पुष्टि के रूप में देखा जा रहा है।
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