अम्बेडकरनगर जिले में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में स्वास्थ्य सेवाएं गुरुवार को प्रभावित रहीं। कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (सीएचओ) ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार किया और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय पर धरना दिया। सीएचओ के कार्य बहिष्कार के चलते जिले के कई आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा।
सीएचओ की ओर से मुख्य रूप से लंबित भुगतान और वेतन से जुड़े मुद्दे उठाए गए। इनमें आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के रखरखाव, रजिस्टर खरीद, फोटोकॉपी खर्च और अनटाइड फंड के पिछले दो वर्षों से लंबित भुगतान शामिल हैं। इसके अलावा सीएचओ ने कई महीनों से लंबित वेतन का तत्काल भुगतान किए जाने की मांग भी रखी।
सीएचओ ने अपनी मांगों को लेकर काम का बहिष्कार किया और सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना दिया। आंदोलन के दौरान लंबित भुगतान और वेतन से जुड़े मामलों का निस्तारण किए जाने की मांग की गई। सीएचओ की मांगों में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के रखरखाव से संबंधित खर्च का भुगतान भी शामिल है। इसके साथ ही रजिस्टर खरीद और फोटोकॉपी पर किए गए खर्च का भुगतान लंबित होने की बात कही गई है। अनटाइड फंड से संबंधित भुगतान भी पिछले दो वर्षों से लंबित बताया गया है।
सीएचओ ने बकाया भुगतान के साथ-साथ वेतन का मुद्दा भी उठाया। उनकी ओर से कई महीनों से वेतन लंबित होने की बात कही गई और इसके तत्काल भुगतान की मांग की गई। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के लिए वेतन का समय पर भुगतान नियमित कार्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इस मामले में सीएचओ ने लंबित वेतन का भुगतान किए जाने को अपनी प्रमुख मांगों में शामिल किया है।
यह खबर भी पढ़े - लखनऊ में इलाज के दौरान डॉ. डीपी वर्मा का निधन, अंबेडकरनगर में शोक
सीएचओ के कार्य बहिष्कार का सीधा असर जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गुरुवार को कई आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित कार्यों में सीएचओ की भूमिका रहती है। ऐसे में उनके सामूहिक कार्य बहिष्कार के कारण संबंधित केंद्रों की नियमित स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की जानकारी सामने आई है।
अपनी मांगों को लेकर सीएचओ सीएमओ कार्यालय पहुंचे और वहां धरना दिया। आंदोलन के दौरान बकाया भुगतान और वेतन से जुड़े मामलों को जल्द निपटाने की मांग की गई। सीएचओ की ओर से उठाए गए मुद्दों में केवल वेतन ही नहीं, बल्कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के संचालन से जुड़े विभिन्न खर्चों का भुगतान भी शामिल है। इनमें रखरखाव, रजिस्टर खरीद और फोटोकॉपी खर्च के साथ अनटाइड फंड का भुगतान प्रमुख है।
यह खबर भी पढ़े - अम्बेडकरनगर में पुलिस लाइन के सिपाही ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
सीएचओ ने बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से जुड़े कुछ भुगतान पिछले दो वर्षों से लंबित हैं। इनमें अनटाइड फंड के अलावा केंद्रों के रखरखाव और अन्य आवश्यक खर्चों से संबंधित भुगतान शामिल हैं। रजिस्टर खरीद और फोटोकॉपी खर्च भी सीएचओ की ओर से उठाई गई मांगों में शामिल हैं। आंदोलन के दौरान इन सभी लंबित भुगतानों के निस्तारण की मांग की गई। सीएचओ वेलफेयर एसोसिएशन ने कहा है कि जब तक सभी बकाया भुगतान और लंबित वेतन का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
एसोसिएशन की ओर से उठाई गई मांगों में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के रखरखाव से संबंधित भुगतान, रजिस्टर खरीद और फोटोकॉपी खर्च तथा अनटाइड फंड के पिछले दो वर्षों से लंबित भुगतान को शामिल किया गया है। इसके साथ ही कई महीनों से लंबित वेतन के तत्काल भुगतान की मांग की गई है।
सीएचओ वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अम्बेडकरनगर में सीएचओ के कार्य बहिष्कार के चलते गुरुवार को कई आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा। सीएचओ ने लंबित वेतन और विभिन्न मदों के बकाया भुगतान के निस्तारण की मांग को लेकर सीएमओ कार्यालय पर धरना दिया।
Explore Related Topics
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें