‘अगले चुनाव में जनता भाजपा को धो-पटककर सुखा देगी’; सीएम योगी के वार पर अखिलेश यादव ने किया पलटवार

बिजली संकट और समीक्षा बैठकों को लेकर सपा प्रमुख ने सरकार पर साधा निशाना, भाजपा विधायकों की चिट्ठियों का भी किया जिक्र।
Bureau 27 May 2026, 11:43 AM 1 min read
‘अगले चुनाव में जनता भाजपा को धो-पटककर सुखा देगी’; सीएम योगी के वार पर अखिलेश यादव ने किया पलटवार

उत्तर प्रदेश की सियासत में बिजली संकट को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तारों पर कपड़े सुखाने वाले बयान पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने पलटवार किया है। अखिलेश यादव ने कहा कि अगले चुनाव में जनता भाजपा को “धो-पटककर हमेशा के लिए सुखा देगी।”

 

सपा प्रमुख ने एक्स पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राज्य में जारी बिजली संकट, सरकार की समीक्षा बैठकों और भाजपा जनप्रतिनिधियों द्वारा लिखी जा रही शिकायतों को लेकर भी सरकार को घेरा।

 

दरअसल, बीते दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा था कि जो लोग आज बिजली संकट की बातें कर रहे हैं, उनके शासनकाल में बिजली आती ही नहीं थी। उन्होंने कहा था कि उस समय लोग बिजली के तारों पर कपड़े सुखाया करते थे।

 

मुख्यमंत्री के इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने लिखा कि जनता अब बिजली कटौती और व्यवस्थागत समस्याओं से परेशान है और आने वाले चुनाव में इसका जवाब देगी।

 

 

सपा प्रमुख ने मुख्यमंत्री की हालिया समीक्षा बैठकों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने सवाल उठाया कि बिजली मंत्री इन बैठकों में शामिल होते हैं या उन्हें बुलाया ही नहीं जाता। इसके साथ ही उन्होंने तंज करते हुए कहा कि यदि ऊर्जा मंत्री बैठक में आते हैं तो मुख्यमंत्री उनके साथ तस्वीर साझा करें, ताकि जनता को उनकी “आपसी गर्मी” से ही कुछ राहत मिल सके।

 

अखिलेश यादव ने प्रदेश में बिजली व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा शासन में हालात ऐसे हो गए हैं कि बिजली उपकेंद्रों पर पीएसी तैनात करनी पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के विधायक और सांसद जनता के आक्रोश से बचने के लिए अपनी ही सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों को पत्र लिख रहे हैं।

 

सपा प्रमुख ने अपने बयान में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता बिजली कटौती और सरकारी कुप्रबंधन से परेशान है और आने वाले चुनाव में इसका असर दिखाई देगा।

 

प्रदेश में बढ़ती गर्मी और बिजली कटौती के मुद्दे को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। भाजपा और समाजवादी पार्टी दोनों ही इस मुद्दे पर एक-दूसरे के कार्यकाल की तुलना करते हुए आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं।

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