>अमेरिका से संभावित ट्रेड डील पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। दिल्ली में पीएम मोदी ने कहा था कि भारत किसानों के हित से समझौता नहीं करेगा, भले ही इसके लिए उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़े। इस बयान पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
>अखिलेश यादव ने कहा, “भाजपा को ये बातें 10 साल पहले सोचनी चाहिए थीं। हमारे किसानों, कृषि और डेयरी उत्पादों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अब जब वैश्विक दबाव बढ़ रहा है, तब इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं — ये दुर्भाग्यपूर्ण है।”
>उन्होंने सवाल किया कि सरकार की विदेश नीति नाकाम रही है और वादे के बावजूद किसानों की आय दोगुनी नहीं हो सकी, युवाओं को रोजगार नहीं मिला और अब देश हर तरफ से आर्थिक और रणनीतिक दबावों में घिरा हुआ है।
>अखिलेश यादव ने भारत-अमेरिका संबंधों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा, “सरकार अब क्यों कह रही है कि हमें किसानों की कीमत चुकानी पड़ेगी? अमेरिका से हमारे ऐतिहासिक रिश्ते रहे हैं, लेकिन इन संबंधों को मज़बूत करने की दिशा में केंद्र सरकार विफल रही है।”
>उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा भारत पर 25% टैरिफ लगाने की खबर पर चिंता जताई और कहा कि यह दर्शाता है कि सरकार के 11 साल के कार्यकाल के बाद भी वैश्विक स्तर पर भारत की कूटनीति कमज़ोर पड़ी है।
>क्या कहा था पीएम ने अपने बयान में:-
>प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “हमारे किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों का हित हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत कभी उनके हितों से समझौता नहीं करेगा। मैं जानता हूं कि इसके लिए मुझे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी, लेकिन मैं इसके लिए तैयार हूं।”
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