>बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन के घोषणा पत्र को लेकर सियासत गर्मा गई है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ सांसद अवधेश प्रसाद ने एनडीए के वादों पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा के घोषणा पत्र का कोई महत्व नहीं होता, क्योंकि “सरकार में आते ही वो उसे रद्दी की टोकरी में डाल देते हैं।”
>अवधेश प्रसाद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हर चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद न तो जनता से किए वादे निभाती है और न ही अपने घोषणा पत्र का सम्मान करती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा “एनडीए का घोषणा पत्र सिर्फ़ चुनावी जुमला होता है, जिसे जीत के बाद भुला दिया जाता है।”
>सपा सांसद ने कहा कि समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन के लिए घोषणा पत्र मात्र एक राजनीतिक दस्तावेज़ नहीं बल्कि “जनता से किया गया वादा” होता है। उन्होंने कहा “हमारे लिए घोषणा पत्र उतना ही पवित्र है जितना किसी घर में धार्मिक ग्रंथ। समाजवादी सरकार जब बनती है, तो पांच साल में अपने हर वादे को पूरा करती है। हम जनता से किया वादा कभी नहीं भूलते।”
>अवधेश प्रसाद ने इस दौरान बिहार के मोकामा में जनसुराज पार्टी के समर्थक दुलारचंद की हत्या पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है और राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने चुनाव आयोग से बिहार में स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक मतदान सुनिश्चित कराने की अपील की।
>सपा सांसद ने कहा “हम चुनाव आयोग, बिहार सरकार और प्रधानमंत्री से अनुरोध करते हैं कि राज्य में निष्पक्ष माहौल बनाएं ताकि मतदाता बिना किसी भय के मतदान कर सकें। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के संविधान की भावना यही कहती है कि हर नागरिक को स्वतंत्र रूप से वोट देने का अधिकार मिले।”
>बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण में 6 नवंबर को 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण की वोटिंग 11 नवंबर को होगी। मतगणना 14 नवंबर को होगी। इस चुनाव में एनडीए और महागठबंधन के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है।
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