>देशभर के पेंशनधारकों के लिए सरकार ने बड़ा अपडेट जारी किया है। अगर आप केंद्र या राज्य सरकार से पेंशन प्राप्त करते हैं, तो समय पर जीवन प्रमाण पत्र जमा करना बेहद जरूरी है। तय समय सीमा में इसे जमा न करने पर आपकी पेंशन रोक दी जा सकती है।
>सरकार ने इस प्रक्रिया को आसान बनाते हुए अब ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा दी है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों को दिक्कत न हो।
>केंद्र और राज्य सरकार के सामान्य पेंशनर्स को हर वर्ष 1 नवंबर से 30 नवंबर के बीच अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होता है। वहीं 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के पेंशनर्स के लिए यह सुविधा 1 अक्टूबर से ही शुरू हो गई है। यदि कोई पेंशनर निर्धारित समय सीमा में जीवन प्रमाण पत्र जमा नहीं करता है, तो उसकी पेंशन अगले महीने से रोक दी जाएगी।
>जिन पेंशनर्स को डिजिटल माध्यम में कठिनाई हो रही है, वे अपने नजदीकी बैंक शाखा, डाकघर या कॉमन सर्विस सेंटर में जाकर आसानी से जीवन प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं। गंभीर रूप से बीमार या अस्पताल में भर्ती पेंशनर्स के लिए सरकार ने घर पर जाकर प्रमाण पत्र बनाने की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। कई बैंक और पोस्ट ऑफिस इसके लिए विशेष प्रतिनिधि भेजते हैं।
>टेक्नोलॉजी की मदद से अब पेंशनर्स घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र बना सकते हैं। इसके लिए सरकार ने दो आसान प्लेटफॉर्म दिए हैं:
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जीवन प्रमाण पोर्टल (https://jeevanpramaan.gov.in)
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UMANG App
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>यहां पेंशनर को अपने आधार नंबर, मोबाइल नंबर और पेंशन खाते की जानकारी भरनी होती है। इसके बाद बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन किया जाता है। सारी जानकारी सही होने पर प्रमाण पत्र तुरंत जनरेट हो जाता है। इसके बाद यह डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अपने आप संबंधित बैंक या विभाग को भेज दिया जाता है।
>80 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनर्स को अग्रिम रूप से प्रमाण पत्र जमा करने की अनुमति दी गई है। साथ ही गंभीर रूप से बीमार पेंशनर्स के लिए ‘Doorstep Service’ की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें बैंक या केंद्र तक आने की आवश्यकता न पड़े।
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