Thursday, 20 August 2026 | Lucknow | 29°C

लखनऊ में सुबह पहुंची निगम टीम, कई डेयरी ठिकाने मिले खाली; सिर्फ 10 भैंसें मिलीं

नगर निगम की कैटल कैचर टीम के साथ तीन थानों की पुलिस और पीएसी तैनात रही; कई डेयरी ठिकाने खाली मिले।
Bureau
Bureau News Desk
20 Aug 2026
12:02 PM
1 min read
लखनऊ में सुबह पहुंची निगम टीम, कई डेयरी ठिकाने मिले खाली; सिर्फ 10 भैंसें मिलीं
हाइलाइट्स
लखनऊ के पारा और दुबग्गा क्षेत्र में अवैध डेयरियों के खिलाफ अभियान जारी है।
पिंक सिटी में गुरुवार सुबह करीब छह से साढ़े आठ बजे तक कार्रवाई हुई।
अभियान के दौरान नगर निगम की टीम के साथ तीन थानों की पुलिस और पीएसी तैनात रही।
करीब ढाई घंटे की कार्रवाई में 10 भैंसें बरामद की गईं।

लखनऊ। पारा और दुबग्गा क्षेत्र में अवैध डेयरियों के खिलाफ नगर निगम का अभियान गुरुवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चलाया गया। पिंक सिटी और आसपास के इलाकों में नगर निगम की कैटल कैचर टीम के साथ तीन थानों की पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए। हालिया कार्रवाई के दौरान नगर निगम टीम और पुलिस पर हुए पथराव के बाद इस बार सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी।

सुबह करीब छह बजे शुरू हुआ अभियान साढ़े आठ बजे तक चला। लगभग ढाई घंटे की कार्रवाई के दौरान टीम को 10 भैंसें मिलीं। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, पिछली कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी फैलने के बाद कई स्थानों से पशुओं को पहले ही दूसरी जगह ले जाने की बात सामने आई है। कई ठिकानों पर टीम पहुंची तो वहां पशुओं के बजाय खाली खूंटे, पुराने डेयरी स्थल और पशु बांधने के इंतजाम मिले।

पारा-बुद्धेश्वर क्षेत्र में अवैध डेयरियों के खिलाफ पिछली कार्रवाई के दौरान नगर निगम और पुलिस टीम को विरोध का सामना करना पड़ा था। रिपोर्ट के अनुसार, पथराव की घटना में सरकारी वाहनों के शीशे टूटे थे और बुद्धेश्वर चौकी प्रभारी विनय पटेल घायल हुए थे।

यह खबर भी पढ़े - लक्ष्मण टीला में 24 अगस्त को जलाभिषेक, सैकड़ों कार्यकर्ता पहुंचेंगे

इसके बाद गुरुवार के अभियान में अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया। संवेदनशील स्थानों पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए और कैटल कैचर वाहनों के साथ सुरक्षा बल मौके पर मौजूद रहे। जवानों को हेलमेट, डंडे और बुलेटप्रूफ जैकेट के साथ तैनात किया गया था। इस व्यवस्था का उद्देश्य कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की बाधा या हिंसक स्थिति से निपटना था।

नगर निगम की टीम सुबह छह बजे पिंक सिटी और आसपास के इलाकों में पहुंची। इसके बाद उन स्थानों की जांच शुरू की गई जहां अवैध तरीके से भैंसें बांधे जाने की शिकायतें थीं।

टीम ने गलियों, खाली प्लॉटों, मकानों के आसपास और पुराने डेयरी ठिकानों की जांच की। कई स्थानों पर पशु रखने के इंतजाम मौजूद थे, लेकिन वहां भैंसें नहीं मिलीं। कुछ जगहों पर डेयरी संचालन के अवशेष और पशु बांधने के लिए बनाए गए स्थान दिखाई दिए। करीब ढाई घंटे तक चली कार्रवाई के बाद कुल 10 भैंसें बरामद की गईं।

नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में लगातार अभियान चलने की जानकारी कई डेयरी संचालकों तक पहुंची थी। अधिकारियों का कहना है कि इसके बाद कुछ संचालकों ने अपने पशुओं को रात में दूसरी जगह ले जाने की कोशिश की।

कुछ स्थानों से ट्रकों और अन्य वाहनों के जरिए भैंसें हटाए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन पशुओं को कहां ले जाया गया और उन्हें किस स्थान पर रखा गया, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

गुरुवार की कार्रवाई के दौरान कई ऐसे स्थान भी मिले जहां पशु रखने के इंतजाम तो थे, लेकिन पशु मौजूद नहीं थे। ऐसे स्थानों की जानकारी नगर निगम और पुलिस की जांच में शामिल की जा रही है।

मौजूदा अभियान के पीछे नगर निगम और पुलिस टीम पर हुई हिंसक घटना भी महत्वपूर्ण कारणों में शामिल है। पिछली कार्रवाई के दौरान विरोध कर रहे लोगों की ओर से पथराव किए जाने की सूचना सामने आई थी।

इस दौरान सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचा और बुद्धेश्वर चौकी प्रभारी विनय पटेल घायल हुए थे। घटना के संबंध में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने मामले में आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की कार्रवाई भी आगे बढ़ाई है। गुरुवार को इस पृष्ठभूमि में नगर निगम की टीम अकेले नहीं पहुंची, बल्कि पुलिस और पीएसी के जवानों को साथ रखा गया।

अवैध डेयरियों के खिलाफ इससे पहले चलाए गए बड़े अभियान में बुद्धेश्वर से डिप्टी खेड़ा तक करीब 197 मवेशियों को जब्त किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। नगर निगम की टीम को कई ऐसे स्थानों पर भी पशु मिले जहां उन्हें घरों, कमरों और अन्य छिपे हुए स्थानों में बांधा गया था। लखनऊ में पहले की कार्रवाई के दौरान आवासीय भवनों के ड्राइंग रूम और बेडरूम में भी भैंसें बंधी मिलने की जानकारी सामने आ चुकी है।

इससे संबंधित कार्रवाई में नगर निगम केवल खुले डेयरी स्थलों की ही जांच नहीं कर रहा, बल्कि उन आवासीय स्थानों की भी पड़ताल की जा रही है जहां बड़े पैमाने पर पशु रखे जाने की शिकायतें हैं।

नगर निगम के मुताबिक, अवैध डेयरियों के खिलाफ अभियान के पीछे स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली शिकायतें भी महत्वपूर्ण हैं। अधिकारियों के अनुसार एक ही स्थान पर बड़ी संख्या में पशु रखे जाने से काफी मात्रा में गोबर निकलता है।

गोबर और अन्य गंदगी के नालियों में जाने से जलनिकासी प्रभावित होने की शिकायतें आती रही हैं। इसके अलावा नालियों के चोक होने, दुर्गंध और जलभराव जैसी समस्याओं का भी स्थानीय स्तर पर उल्लेख किया गया है। नगर निगम पहले भी पारा क्षेत्र में कार्रवाई कर चुका है। पुराने अभियान में 15 भैंसों को पकड़े जाने और उन्हें कांजी हाउस भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी।

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि शहरी सीमा में बड़े स्तर पर डेयरी संचालन के लिए निर्धारित नियमों का पालन आवश्यक है। कार्रवाई के दौरान पशुओं की मौजूदगी के साथ-साथ डेयरी संचालन की स्थिति और लाइसेंस से जुड़े प्रावधानों की भी जांच की जा रही है।

नगर निगम का अभियान केवल पशु पकड़ने तक सीमित नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, जहां नियमों का उल्लंघन मिलता है, वहां संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाती है। पशुओं को आवासीय इलाकों और सार्वजनिक स्थानों पर बड़ी संख्या में रखने के मामलों की भी जांच अभियान का हिस्सा है।

अभियान को लेकर लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल ने सरकारी टीम के काम में बाधा और हमले के मामलों पर सख्त रुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि नगर निगम और पुलिस की टीम पर हमला अथवा सरकारी कार्य में बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी। इस बयान के बाद अवैध डेयरियों से जुड़े मामलों में कार्रवाई के साथ सरकारी टीम की सुरक्षा पर भी जोर दिया जा रहा है।

गुरुवार की कार्रवाई पिंक सिटी तक सीमित नहीं रही। नगर निगम और पुलिस की निगरानी बुद्धेश्वर विहार, गद्दियाना और आसपास के इलाकों तक भी बताई गई है। इन क्षेत्रों में ऐसे स्थानों की पहचान की जा रही है जहां बड़े स्तर पर भैंसें बांधे जाने की शिकायतें मिली हैं। प्रशासन की ओर से यह भी देखा जा रहा है कि किसी स्थान से पशु हटाए जाने के बाद उन्हें किसी दूसरे क्षेत्र में ले जाकर उसी तरह की व्यवस्था दोबारा तो नहीं बनाई जा रही। इसी वजह से चिन्हित क्षेत्रों में दोबारा जांच और निगरानी की प्रक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

गुरुवार के अभियान में करीब ढाई घंटे की कार्रवाई के बाद सिर्फ 10 भैंसें मिलना नगर निगम की पिछली बड़ी बरामदगी की तुलना में अलग तस्वीर दिखाता है। अधिकारियों के मुताबिक कई स्थानों पर पहले से पशु मौजूद नहीं थे।

नगर निगम और पुलिस अब उन सूचनाओं की भी जांच कर रहे हैं जिनके आधार पर यह पता लगाया जा सके कि पशुओं को कब और किन साधनों से दूसरी जगह ले जाया गया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि हटाए गए सभी पशु कहां ले जाए गए हैं। इसी संबंध में स्थानीय स्तर पर निगरानी और जांच जारी है।

Explore Related Topics

लखनऊ अवैध डेयरियां लखनऊ नगर निगम पिंक सिटी पारा-बुद्धेश्वर अवैध डेयरी कार्रवाई नगर निगम अभियान बुद्धेश्वर पारा

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

इस खबर को खबर पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

ऐसी ही खबरों के लिए निचे स्क्रॉल करें

या होम पेज पर लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए क्लिक करें →

Related News