जम्मू-कश्मीर के बारामूला से सांसद इंजीनियर रशीद उर्फ़ शेख अब्दुल रशीद को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। टेरर फंडिंग मामले में आरोपी रशीद को अदालत ने एक हफ्ते की अंतरिम जमानत प्रदान की है। यह राहत उन्हें मानवीय आधार पर अपने बीमार पिता से मिलने और उनकी देखभाल के लिए दी गई है।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि रशीद जमानत अवधि के दौरान अपने पिता के साथ अस्पताल या घर पर रह सकते हैं। इससे पहले उनकी जमानत याचिका निचली अदालत द्वारा खारिज कर दी गई थी, जिसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया। रशीद ने अदालत से अपील की थी कि उन्हें अपने बीमार पिता से मिलने की अनुमति दी जाए। इस पर विचार करते हुए कोर्ट ने सीमित अवधि के लिए अंतरिम जमानत मंजूर कर ली।
अदालत ने जमानत देते हुए कई कड़े निर्देश भी जारी किए हैं, जिनका पालन अनिवार्य होगा:
- 1 लाख रुपये का पर्सनल बॉन्ड और समान राशि का श्योरिटी बॉन्ड जमा करना होगा।
- हर समय दो पुलिस अधिकारी उनके साथ मौजूद रहेंगे।
- केवल पिता के साथ घर या अस्पताल में ही रह सकेंगे।
- बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी।
- केवल एक मोबाइल नंबर का उपयोग करेंगे, जो हमेशा सक्रिय रहेगा।
- किसी गवाह से संपर्क या उसे प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे।
- केवल करीबी परिवार के सदस्यों से मिलने की अनुमति होगी।
- सुरक्षा और निगरानी से जुड़े खर्च का वहन नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी करेगी।
इंजीनियर रशीद पर वर्ष 2017 के टेरर फंडिंग मामले में गैरकानूनी गतिविधियां अधिनियम युएपीए के तहत आरोप लगाए गए हैं। उन्हें 2019 में गिरफ्तार किया गया था और तब से वह दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। हालांकि, रशीद ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है।
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