IPS बनकर डराया, डिजिटल अरेस्ट दिखाया, और 80 साल की महिला से 1.08 करोड़ की कर ली ठगी

Mumbai News: मुंबई में एक 80 वर्षीय महिला से 1.08 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि ठगों ने खुद को IPS अधिकारी बताकर पीड़िता को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का हवाला दिया और जांच के नाम पर अलग-अलग खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर करवाई। शिकायत मिलने के बाद सेंट्रल साइबर सेल ने केस दर्ज कर लिया है और नागपुर स्थित एक बैंक खाते से 35 लाख रुपये फ्रीज किए गए हैं। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
News Desk 23 Nov 2025, 03:44 PM 1 min read
IPS बनकर डराया, डिजिटल अरेस्ट दिखाया, और 80 साल की महिला से 1.08 करोड़ की कर ली ठगी


>मुंबई में एक 80 वर्षीय महिला से 1.08 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि ठगों ने खुद को सरकारी अधिकारी और IPS अधिकारी बताकर पीड़िता को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का हवाला दिया और जांच में सहयोग करने के नाम पर बड़ी रकम विभिन्न खातों में ट्रांसफर करवाई।


>शिकायत के अनुसार, 27 अक्टूबर को पीड़िता को एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को “विजय खन्ना” नामक अधिकारी बताया और दावा किया कि उनके आधार कार्ड का उपयोग एक मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में हुआ है। कॉल बाद में एक अन्य महिला को ट्रांसफर की गई, जिसने स्वयं को IPS अधिकारी रश्मि शुक्ला बताया। कॉलर्स ने पीड़िता को डिजिटल अरेस्ट में होने का दावा किया और उन्हें एक कथित अरेस्ट वारंट भी भेजा।


>पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने जांच में सहयोग के नाम पर उनसे कई बैंक खातों में कुल 1.08 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए। लगातार निर्देश और चेतावनियों के चलते पीड़िता निर्धारित समय में रकम भेजती रहीं। कुछ दिनों बाद कॉल्स बंद हो गईं, जिसके बाद पीड़िता को धोखाधड़ी का संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस से संपर्क किया।


>जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की बड़ी राशि नागपुर निवासी हितेश महुस्कर के बैंक खाते में भेजी गई थी। सेंट्रल साइबर सेल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसके बैंक खाते से 35 लाख रुपये फ्रीज कर लिए हैं। शेष राशि की ट्रांजैक्शन डिटेल्स की जांच जारी है। साइबर सेल ने इस संबंध में BNS व IT एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस टीम ठगी में शामिल कॉलर्स और खाताधारकों की पहचान व लोकेशन का पता लगाने में जुटी है। पुलिस ने कहा है कि भारतीय कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई प्रावधान नहीं है। किसी भी स्थिति में पुलिस या सरकारी अधिकारी फोन पर गिरफ्तारी, जांच या पैसे ट्रांसफर करने का निर्देश नहीं देते। नागरिकों को संदिग्ध कॉल मिलने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करने की सलाह दी गई है।


>

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें


Related News

कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश, प्रियंका चतुर्वेदी ने दी प्रतिक्रिया
IRS अधिकारी डॉ. कुंदन यादव हुए भारत गौरव सम्मान 2025 से सम्मानित
मुंबई मतदाता सूची में 4.33 लाख डुप्लीकेट नाम, एक व्यक्ति का नाम 103 बार दर्ज
मुंबई में जन्मदिन के बहाने छात्र को आग लगाने की कोशिश, पांच दोस्त गिरफ्तार | CCTV में हुई वारदात कैद
महाराष्ट्र निकाय चुनाव में कांग्रेस का अकेले लड़ने का ऐलान, एमवीए में बढ़ी राजनीतिक खींचतान
महाराष्ट्र में भाषा विवाद पर छात्र की मौत पर स्पीकर नार्वेकर बोले महाराष्ट्र की एकता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
CM फडणवीस के कजिन भाई आल्हाद कलोती बिना मुकाबला लड़े बने नगरसेवक
मुंबई में साइबर फ्रॉड पर CBI ने लिया बड़ा एक्शन, एक्सिस बैंक मैनेजर नितेश राय को किया गिरफ्तार
मुंबई के पवई में खत्म हुआ ऑडिशन हाइजैक का ड्रामा: बच्चों को बंधक बनाने वाले रोहित आर्या की मौत