>वाराणसी में इस वर्ष देव दीपावली को और भी भव्य रूप देने की तैयारी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे प्रांतीय मेला घोषित किया है और घाटों, तालाबों और कुंडों पर 10 लाख से अधिक दीपों के जलाने की योजना बनाई है। इनमें से करीब एक लाख दीप गाय के गोबर से बने होंगे, जो पारंपरिक उत्सव की झलक को और भी रोचक बनाएंगे।
>देव दीपावली पर बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक काशी की भव्यता का आनंद लेने पहुंचते हैं। इस अवसर पर घाटों को फसाड लाइट और इलेक्ट्रिक लाइट से सजाया जाएगा, जबकि चेत सिंह घाट पर लेजर शो के माध्यम से काशी से जुड़ी धार्मिक कथाओं का प्रदर्शन होगा। गंगा पार रेत पर प्रदूषण रहित ग्रीन आतिशबाजी का शो भी उत्सव को और आकर्षक बनाएगा।
>पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार ने बताया कि 1 से 4 नवंबर तक राजघाट पर सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘गंगा महोत्सव’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय कलाकारों को प्रमुखता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस बार का देव दीपावली न केवल पारंपरिक रूप से, बल्कि आधुनिक रोशनी और सांस्कृतिक रंगों के साथ ऐतिहासिक और भव्य रूप से मनाया जाएगा।
>वाराणसी के घाटों पर दस लाख दीपों की चमक और त्योहार की रौनक निश्चित ही इसे एक अविस्मरणीय अनुभव बनाएगी, जिससे न सिर्फ स्थानीय लोग, बल्कि देश-विदेश से आए पर्यटक भी मंत्रमुग्ध हो जाएंगे।
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