राजधानी दिल्ली में यूईआर-2 के आसपास रहने वाले हजारों परिवारों को जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है। एनएचएआई ने यूईआर-2 के दिल्ली हिस्से में नई सर्विस रोड बनाने की योजना तैयार की है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद स्थानीय लोगों को छोटी दूरी तय करने के लिए मुख्य कैरिजवे का इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा और लोकल सफर पर टोल टैक्स से भी राहत मिल सकेगी।
दिल्ली के द्वारका, नजफगढ़, रोहिणी, मुंडका और बक्करवाला जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में रहने वाले लोग लंबे समय से इस समस्या का सामना कर रहे थे। वर्तमान व्यवस्था में स्थानीय यात्रियों को अपने ही क्षेत्र में आने-जाने के लिए मुख्य हाईवे का इस्तेमाल करना पड़ता है, जिससे ट्रैफिक का दबाव बढ़ने के साथ कई जगहों पर टोल शुल्क भी देना पड़ता है। इससे रोजाना सफर करने वाले लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा था।
अब एनएचएआई ने इस समस्या के समाधान के लिए यूईआर-2 के दिल्ली स्ट्रेच में दो लेन चौड़ी सर्विस रोड विकसित करने की योजना बनाई है। इस परियोजना पर करीब 121.57 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए नौ महीने की समयसीमा निर्धारित की गई है।
यूईआर-2 की कुल लंबाई लगभग 75.7 किलोमीटर है, जिसमें से 54.21 किलोमीटर हिस्सा दिल्ली में आता है। यह एक्सप्रेस कॉरिडोर राजधानी के कई प्रमुख इलाकों को जोड़ता है और दिल्ली के ट्रैफिक दबाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हालांकि स्थानीय यातायात और हाईवे ट्रैफिक के एक साथ चलने से कई जगहों पर जाम और आवाजाही की दिक्कतें सामने आ रही थीं।
नई सर्विस रोड बनने के बाद स्थानीय वाहनों के लिए अलग मार्ग उपलब्ध हो जाएगा। इससे न सिर्फ लोकल ट्रैफिक सुगम होगा बल्कि हाईवे पर चलने वाले लंबी दूरी के वाहनों की आवाजाही भी बेहतर तरीके से हो सकेगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे ट्रैफिक प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा और जाम की स्थिति में भी कमी आएगी।
बक्करवाला और मुंडका समेत कई क्षेत्रों के निवासी लंबे समय से सर्विस रोड निर्माण की मांग कर रहे थे। स्थानीय लोगों का कहना था कि छोटी दूरी के सफर के लिए टोल चुकाना आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन गया था। कई बार शिकायतों और मांगों के बाद अब इस दिशा में ठोस कदम उठाया गया है।
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