भारतीय तकनीकी प्रतिभा ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी छाप छोड़ी है। परप्लेक्सिटी एआई (Perplexity AI) के सीईओ अरविंद श्रीनिवास ने अपना नया AI-फर्स्ट ब्राउजर Comet भारत में पेश किया है। इस ब्राउजर को खासतौर पर प्रो सब्सक्राइबर्स के लिए तैयार किया गया है और इसे मैक और विंडोज डिवाइस पर तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है। एंड्रॉइड यूजर्स के लिए Comet का प्री-ऑर्डर गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है, जबकि iOS सपोर्ट भविष्य में मिलने की संभावना है।
अरविंद श्रीनिवास: भारतीय प्रतिभा का गर्व
अरविंद श्रीनिवास IIT मद्रास से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक हैं और उन्होंने कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री हासिल की है। उन्होंने गूगल क्रोम के विकास में योगदान दिया और ChatGPT जैसी एडवांस्ड AI परियोजनाओं पर भी काम किया है। Comet ब्राउजर के लॉन्च से वह एक बार फिर तकनीक के क्षेत्र में भारत का नाम रोशन कर रहे हैं।
Comet ब्राउजर की विशेषताएं
Comet केवल एक सामान्य वेब ब्राउजर नहीं है। इसे AI-फर्स्ट ब्राउजर कहा जाता है क्योंकि यह उपयोगकर्ता की ओर से कई कार्य कर सकता है। इसकी प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
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AI साइडबार: ब्राउजिंग अनुभव को और स्मार्ट बनाता है। इसे Perplexity “एजेंटिक” कहता है। यह वेब पेजों का सारांश तैयार कर सकता है, सवालों के जवाब दे सकता है और उपयोगकर्ता की जरूरत के हिसाब से कार्य कर सकता है।
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स्मार्ट वर्कफ्लो: Comet कई टैब्स और ऐप्स को एक केंद्रीय इंटरफेस में मैनेज करता है, जिससे ब्राउजिंग और कार्य सुचारू हो जाता है।
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ऑटोमेशन और शॉपिंग: यह मीटिंग शेड्यूल कर सकता है, ऑनलाइन शॉपिंग कर सकता है और ईमेल भेजने जैसे कार्यों को आसान बनाता है।
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निष्क्रिय से सक्रिय ब्राउजिंग: परंपरागत ब्राउजर के विपरीत, Comet वेब ब्राउजिंग को एक सक्रिय और बुद्धिमान जुड़ाव में बदल देता है।
Airtel के ग्राहकों के लिए फ्री एक्सेस
Perplexity Pro सब्सक्रिप्शन की कीमत लगभग 17,000 रुपये सालाना है। लेकिन एयरटेल ने Perplexity के साथ साझेदारी कर अपने ग्राहकों को एक साल का फ्री सब्सक्रिप्शन देने की घोषणा की है। इसका मतलब है कि एयरटेल यूजर्स Comet ब्राउजर का पूरा लाभ बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उठा सकते हैं
Comet ब्राउजर का लॉन्च भारत के लिए एक गर्व का क्षण है। यह न केवल एक भारतीय दिमाग की वैश्विक उपलब्धि है, बल्कि देश में AI और स्मार्ट टेक्नोलॉजी के भविष्य की दिशा भी दिखाता है। अब भारत की युवा तकनीकी प्रतिभा वैश्विक स्तर पर मुकाबला कर रही है और यह स्पष्ट है कि Comet Google Chrome जैसी बड़ी ब्राउजर कंपनियों के लिए चुनौती पेश करेगा।
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